चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय में मिलेट्स रेसिपी विकास एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
लखनऊ के बक्शी का तालाब स्थित चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम योजनातर्गत मिलेट रेसिपी विकास एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम एवं कृषि सूचना तंत्र के शुद्धणीकरण के अंतर्गत जनपद स्तरीय रवी उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर पूर्व सांसद एवं आवासन व शहरी कार्य राज्य मंत्री माननीय कौशल किशोर ने की।
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4:37 PM, Jan 9, 2026
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पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर को प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत करते अधिकार RExpress भारत
उत्तर प्रदेश। लखनऊ के बक्शी का तालाब स्थित चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश श्री अन्न (मिलेट्स) पुनरोद्धार कार्यक्रम योजनातर्गत मिलेट रेसिपी विकास एवं उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम एवं कृषि सूचना तंत्र के शुद्धणीकरण के अंतर्गत जनपद स्तरीय रवी उत्पादकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत फीता काटकर पूर्व सांसद एवं आवासन व शहरी कार्य राज्य मंत्री माननीय कौशल किशोर ने की। पूर्व सांसद कौशल किशोर ने बताया कि एक समय था कि मोटे अनाज सभी के घरों में होता था आज मोटा अनाज गायब हो गया है जिस कारण से बीमारियां बढ़ती चली जा रही हैं उन्होंने किसानों को भारत सरकार की कृषि संबंधी योजनाओं की जानकारी भी दी और मोटे अनाज की खेती करने पर जोर दिया ।
महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ टी पी सिंह के द्वारा दी गई जानकारी
महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ टी पी सिंह ने मोटे अनाजों का चिकित्सीय महत्व बताया और उन्होंने कहा कि, गेहूं चावल में ग्लाईसेमिक इंडेक्स बढ़ रहा है मोटे अनाज स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं। इसमें फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है पाचन शक्ति को बढ़ाते हैं बीमारियों को रोकने का काम करते हैं। महाविद्यालय के शोध अधिकारी प्रो गजेंद्र सिंह ने मोटे अनाजों की खेती का रकबा बढ़ाने तथा खरपतवार प्रबंधन पर जानकारी दी। महाविद्यालय के कृषि कीट विज्ञान सह -आचार्य डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने किसानों को आम की फसल पर जाला कीट प्रबंधन तथा जायद की फसलों में सब्जी वर्गीय एवं मीठे फलों की खेती तथा मिलेट्स की खेती करने पर जोर दिया। कहां की मीठे फलों से आमदनी अधिक मिलती है और लागत कम आती हैं।
मशरूम की खेती तथा मिलेट्स की खेती करने पर चर्चा
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ योगेंद्र कुमार सिंह ने मशरूम की खेती तथा मिलेट्स की खेती करने पर चर्चा की। कृषि सलाहकार सुरेश राजपूत मिलेट्स की खेती तथा मिलेट्स मूल्य संवर्धन एवं विपणन पर विधिवत किसानों को बताया। मोटे अनाजों से रेसिपी बनाने की प्रतियोगिता कराई गई। जिसमें चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय बक्शी का तालाब की ए-टीम एवं बी- टीम, महिला स्वयं सहायता समूह विकास खंड बक्शी का तालाब की सी- टीम, महिला स्वयं सहायता समूह विकासखंड मलिहाबाद की डी- टीम तथा कृषि विभाग जनपद लखनऊ की ई- टीम ने प्रतिभाग किया इन्होंने सावां की खीर, रागी का हलवा बाजरा की खिचड़ी बनाई जो लोगों को बहुत भाई। महिला स्वयं सहायता समूह बीकेटी की महिलाओं द्वारा बाजरे की खिचड़ी में प्रथम, सांवा की खीर में द्वितीय तथा रागी के हलवा में तृतीय स्थान मिला। महिला स्वयं सहायता समूह मलिहाबाद की महिलाओं द्वारा बाजरे की खिचड़ी में द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
रेसिपी प्रतिभागियों को उप कृषि निदेशक विनय कौशल ने किया सम्मानित
चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय ग्रुप ए की टीम द्वारा रागी के हलवा में प्रथम स्थान एवं सांवा की खीर में तृतीय स्थान प्राप्त किया। चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय की ग्रुप बी टीम को सावां की खीर में प्रथम, रागी के हलवा में द्वितीय, बाजारे की खिचड़ी में तृतीय स्थान मिला तथा कृषि विभाग की टीम को रागी का हलवा, सांवा की खीर तथा बाजरे की खिचड़ी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। रेसिपी प्रतिभागियों को उप कृषि निदेशक विनय कौशल ने प्रशस्पती पत्र एवं पुरस्कार की धनराशि देकर सम्मानित किया। श्री अन्न (मिलेट्स) रेसिपी कार्यक्रम में भूमि संरक्षण अधिकारी संगीता कटियार, खंड विकास अधिकारी बक्शी का तालाब पूजा पांडे, कृषि विभाग के सुरेश कुमार राजपूत, रूपेंद्र कुमार,अनूप यादव, सुनील कुमार, गगन, सचेंद्र सिंह, अविनाश सिंह, मोहिनी सैनी, कोमल यादव, नगमा, नीलांजना टंडन, प्रियंका शिवहरे, सचीद्र बैष्य, सिल्की खरे, दीपक यादव तथा कृषि महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी तथा 300 से अधिक महिला पुरुष किसान एवं छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया सभी किसानों को सार संग्रह वितरित किए गए तथा लंच कराया गया। उप कृषि निदेशक विनय कौशल द्वारा सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच का संचालन चंद्रभानु गुप्त कृषि महाविद्यालय के सह-आचार्य डॉ सत्येंद्र कुमार सिंह ने किया।

